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आमुख - सबसे मुश्किल काम, सबसे पहले- "The hardest thing, first" - Eat That Frog! - Brian Tracy - ब्रायन ट्रेसी --- अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर - इंटरनेशनल बेस्टसेलर 'ईट दैट फ्रॉग!' का हिंदी अनुवाद --- अनुवाद: डॉ. सुधीर दीक्षित - अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर 'ईट दैट फ्रॉग!' का हिंदी अनुवाद --- सबसे मुश्किल काम, सबसे पहले - कम समय में ज़्यादा काम करने और टालमटोल छोड़ने के 21 बेहतरीन तरीके --- Hindi translation of the international bestseller "The hardest thing, first" ---- Hindi translation of international bestseller Eat That Frog! -- 21 Best Ways to Quit Procrastinating -- Writer : Brian Tracy - ब्रायन ट्रेसी

                   आमुख  - सबसे मुश्किल काम, सबसे पहले- "The hardest thing, first" - Eat That Frog!  - Brian Tracy - ब्रायन ट्रेसी  ---  अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर - इंटरनेशनल बेस्टसेलर 'ईट दैट फ्रॉग!' का हिंदी अनुवाद  ---  अनुवाद: डॉ. सुधीर दीक्षित - अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर 'ईट दैट फ्रॉग!' का हिंदी अनुवाद  ---  सबसे मुश्किल काम, सबसे पहले - कम समय में ज़्यादा काम करने और टालमटोल छोड़ने के 21 बेहतरीन तरीके  ---  Hindi translation of the international bestseller "The hardest thing, first"  ----  Hindi translation of international bestseller Eat That Frog!  --      21 Best Ways to Quit Procrastinating  --  Writer : Brian Tracy - ब्रायन ट्रेसी

                        

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आमुख  - सबसे मुश्किल काम, सबसे पहले- "The hardest thing, first" - Eat That Frog!

- Brian Tracy - ब्रायन ट्रेसी

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अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर - इंटरनेशनल बेस्टसेलर 'ईट दैट फ्रॉग!' का हिंदी अनुवाद

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अनुवाद: डॉ. सुधीर दीक्षित - अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर 'ईट दैट फ्रॉग!' का हिंदी अनुवाद

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सबसे मुश्किल काम, सबसे पहले - कम समय में ज़्यादा काम करने और टालमटोल छोड़ने के 21 बेहतरीन तरीके

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Hindi translation of the international bestseller "The hardest thing, first"

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Hindi translation of international bestseller Eat That Frog!

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21 Best Ways to Quit Procrastinating

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Writer : Brian Tracy - ब्रायन ट्रेसी

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आमुख

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यह पुस्तक पढने के लिए धन्यवाद। उम्मीद है कि ये विचार मेरी और हज़ारों दूसरे लोगों की तरह ही आपकी भी मदद करेंगे। दरअसल मुझे पूरी उम्मीद है कि यह पुस्तक आपकी ज़िंदगी बदल देगी... हमेशा के लिए।

आपको बहुत से काम करने हैं, लेकिन उन सबको करने के लिए आपके पास कभी पर्याप्त समय नहीं होता। आप काम, व्यक्तिगत ज़िम्मेदारियों और प्रोजेक्ट्स के बोझ तले दबे रहते हैं। आप ऐसी पत्रिकाओं और पुस्तकों का ढेर लगाते रहते हैं, जिन्हें आप सारे काम निबटाने के बाद फुरसत में पढ़ना चाहते हैं।

लेकिन सच तो यह है कि आपको कभी फुरसत नहीं मिलेगी। आप कभी अपने सारे काम पूरे नहीं कर पाएँगे। आप कभी उस मुक़ाम तक नहीं पहुँच पाएँगे, जहाँ उन सभी पुस्तकों, पत्रिकाओं और फुरसत के वक़्त की गतिविधियों के लिए समय निकाल पाएँ, जिनके आप सपने देखते हैं।

ज़्यादा मेहनत करके समय प्रबंधन की समस्याएँ सुलझाने की बात भूल जाएँ। चाहे आप व्यक्तिगत उत्पादकता या मेहनत की कितनी ही तकनीकों में माहिर हो जाएँ, आप उपलब्ध समय में जितना काम कर सकते हैं, काम हमेशा उससे ज़्यादा ही रहेगा। और हाँ, इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास कितना समय उपलब्ध रहता है।

लेकिन आप अपने समय और जिंदगी पर काबू कर सकते हैं। बस शर्त यह है कि आपको अपने सोचने और काम करने के तरीकों को बदलना होगा। आपको जिम्मेदारियों की अंतहीन गहराई वाली उस नदी से निबटने का तरीका बदलना होगा, जो हर दिन आपको इबो देती है। अपने कामों और गतिविधियों पर क़ाबू करने का तरीका क्या है ? ज्यादातर गतिविधियों को छोड़ दें और सिर्फ उन्हीं चुनिंदा कामों में ज़्यादा समय लगाएँ, जिनसे आपकी ज़िंदगी सचमुच बदल सकती है।

मैं पिछले तीस साल से समय प्रबंधन का अध्ययन कर रहा हूँ। मैंने पीटर ड्रकर, एलेक मैकेंज़ी, एलन लेकीन, स्टीफ़न कवी और बहुत से अन्य लेखकों की पुस्तकों में बार-बार गोता लगाया है। मैंने व्यक्तिगत कार्यकुशलता और प्रभावकारिता बढ़ाने के विषय पर सैकड़ों पुस्तकें व हज़ारों लेख पढ़े हैं। यह पुस्तक इसी का नतीजा है।

 

जब भी मुझे कोई अच्छा विचार मिलता था, तो मैं उसे हर बार अपने कामकाज और निजी ज़िंदगी में आज़माकर देखता था। अगर वह कारगर साबित होता, तो मैं उसे अपने भाषणों और सेमिनारों में शामिल करके दूसरों को सिखाने लगता था।

गैलिलियो ने कहा था, "आप किसी को कुछ सिखा नहीं सकते; आप तो बस इसे उसके भीतर खोजने में उसकी मदद कर सकते हैं।"

आपको ये विचार जाने-पहचाने लगते हैं या नहीं, यह आपके ज्ञान और अनुभव के स्तर पर निर्भर करता है। वैसे आपकी स्थिति चाहे जो हो, यह पुस्तक आपको उनके बारे में ज़्यादा जागरूक बना देगी। इन विधियों और तकनीकों को बार-बार सीखें। इन पर तब तक अमल करते रहें, जब तक कि वे आपकी आदत न बन जाएँ। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आप बहुत सकारात्मक अंदाज़ में अपनी ज़िंदगी का रुख बदल लेंगे।

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लिखित लक्ष्यों की शक्ति

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मैं आपको इस पुस्तक की शुरुआत में अपने बारे में कुछ बताना चाहता हूँ। मेरी ज़िंदगी बड़े अभावों के साथ शुरू हुई। बस एक ही अच्छी बात थी कि मैं जिज्ञासु प्रवृत्ति का था। स्कूल में मेरा प्रदर्शन हमेशा खराब रहा। नतीजा यह हुआ कि मैंने पढ़ाई अधूरी छोड़ दी। फिर मैंने कई सालों तक मज़दूरी की। मेरा भविष्य क़तई उज्ज्वल नहीं दिख रहा था।

युवावस्था में मुझे एक समुद्री जहाज़ पर काम करने का अवसर हाथ लग गया। बस फिर क्या था, मैं दुनिया देखने चल दिया ! आठ साल तक मैंने सफ़र किया, काम किया और दोबारा सफ़र किया। यह सिलसिला ख़त्म होने तक मैं पाँच महाद्वीपों के अस्सी देशों में घूम चुका था।

जब मुझे मज़दूरी का काम मिलना बंद हो गया, तो मैं सेल्स लाइन में चला गया। मैंने लोगों के दरवाज़े खटखटाए और कमीशन पर काम किया। मैं समान नहीं बेच पा रहा था और जूझ रहा था, जब तक कि मैंने खुद से यह सवाल नहीं पूछा, "दूसरे लोग आखिर मुझसे बेहतर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?"

फिर मैंने एक ऐसा तरीक़ा आज़माया, जिसने मेरी ज़िंदगी बदल दी। मैं सफल लोगों से पूछने लगा कि वे आख़िर ऐसा क्या करते हैं जिसकी बदौलत वे मुझसे ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करने और ज्यादा कमाई करने में कामयाब होते हैं। उन्होंने मुझे बता दिया। मैंने उनकी सलाह पर पूरा अमल किया। नतीजा ? मेरी बिक्री बढ़ गई। आखिरकार मैं इतना कामयाब हो गया कि मुझे सेल्स मैनेजर बना दिया गया। सेल्स मैनेजर बनने के बाद भी मैं इसी नीति पर चला। मैंने सफल मैनेजरों से पूछा कि कामयाब होने और असरदार नतीजे हासिल करने के लिए वे क्या करते हैं। उन्होंने जो तकनीकें बताई, मैं उन पर अमल करने लगा। लगभग फ़ौरन ही मुझे भी उनके जैसे ही नतीजे मिलने लगे।

सीखने और सीखी हुई बातों पर अमल करने की इस प्रक्रिया ने मेरी ज़िंदगी बदल दी। मैं अब भी हैरान हूँ कि यह सब कितना सरल और स्पष्ट है। बस यह पता लगा लें कि उस क्षेत्र के सफल लोग क्या करते हैं और फिर वही काम करने लगें, जब तक कि आपको भी वही नतीजे न मिलने लगें। विशेषज्ञों से सीखें। वाह ! कितना बेहतरीन विचार है?

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सफलता की भविष्यवाणी संभव है

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सरल भाषा में कहें, तो कुछ लोग दूसरों से बेहतर प्रदर्शन इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि वे चीज़ों को अलग ढंग से करते हैं। वे सही चीज़ों को सही ढंग से करते हैं। यहाँ एक बात ख़ास तौर पर उभरकर सामने आती है : कामयाब, सुखी और समृद्ध लोग आम आदमी के मुकाबले अपने समय का बेहतर इस्तेमाल करते हैं।

असफलता की पृष्ठभूमि की वजह से मुझमें हीनता और अक्षमता की भावनाएँ बहुत गहरी थीं। मैं इस ग़लतफ़हमी के मानसिक जाल में फँस चुका था कि मुझसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले लोग वाक़ई मुझसे बेहतर हैं। बाद में मुझे पता चला कि यह हमेशा सच नहीं था। वे तो बस चीज़ों को अलग तरीक़े से कर रहे थे। जो कार्यशैली उन्होंने सीखी थी, उसे मैं भी बखूबी सीख सकता था।

इससे मेरी आँखें खुल गईं। मैं इस खोज से हैरान भी था और रोमांचित भी। आज भी हूँ! मुझे एहसास हो गया कि मैं अपनी ज़िंदगी बदल सकता हूँ और लगभग हर लक्ष्य हासिल कर सकता हूँ, बशर्ते मैं यह पता लगा लूँ कि उस क्षेत्र के सफल लोग क्या कर रहे हैं। फिर खुद भी वही करने लगूँ। इस तरह मुझे भी शर्तिया वही परिणाम मिलेंगे, जो उन्हें मिल रहे थे।

सेल्स लाइन में आने के एक साल के भीतर ही मैं शीर्षस्थ सेल्समैन बन गया। उसके एक साल बाद मैनेजर। तीन साल के भीतर वाइस प्रेसिडेंट। अब मैं छह देशों में कार्यरत 95 सेल्सपर्सन्स का बॉस था। उस वक़्त मेरी उम्र सिर्फ पच्चीस साल थी।

 

अब तक मैं बाईस अलग-अलग काम-धंधे कर चुका हूँ। मैंने कई कंपनियाँ शुरू कीं। एक बड़ी यूनिवर्सिटी से बिज़नेस डिग्री ली। फ्रेंच, जर्मन और स्पेनिश भाषाएँ सीखीं। अब तक मैं 1,000 से ज़्यादा कंपनियों में वक्ता, प्रशिक्षक या परामर्शदाता की भूमिका निभा चुका हूँ। आजकल मैं हर वर्ष 2,50,000 से ज़्यादा लोगों के सामने भाषण या सेमिनार देता हूँ, जिनमें कई मर्तबा तो एक बार में 20,000 लोग होते हैं।

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एक सरल सच्चाई

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अपने पूरे कैरियर में मैंने एक सरल सच्चाई खोजी है और बार-बार खोजी है। महान कामयाबी, उपलब्धि, सम्मान, ओहदे और जीवन की खुशी की कुंजी क्या है ? अपने सबसे महत्वपूर्ण काम पर एकाग्रता से ध्यान केंद्रित करने, उसे अच्छी तरह करने और उसे पूरा करने की क़ाबिलियत। यह सिद्धांत ही इस पुस्तक की जान है।

यह पुस्तक बताएगी कि आप अपने कैरियर में ज़्यादा तेज़ी से आगे कैसे बढ़ सकते हैं। इसके अलावा, इसमें यह भी बताया जाएगा कि आप अपनी निजी ज़िंदगी को बेहतरीन कैसे बना सकते हैं। मैंने इसमें व्यक्तिगत प्रभावकारिता पर खुद के खोजे हुए सबसे असरदार सिद्धांत शामिल किए हैं।

ये विधियाँ, तकनीकें और रणनीतियाँ व्यावहारिक हैं, आजमाई हुई हैं और फटाफट परिणाम देती हैं। यह पुस्तक समय बचाने के बारे में है, इसलिए मैं टालमटोल या समय कुप्रबंधन के मनोवैज्ञानिक या भावनात्मक कारणों को विस्तार से बताकर समय खराब नहीं करूँगा। मैं सैद्धांतिक बातों या शोध पर भी ज़्यादा लंबी बातचीत नहीं करूँगा। यहाँ तो आप सिर्फ़ कुछ निश्चित क़दमों के बारे में जानेंगे, जिन्हें आप फ़ौरन उठा सकते हैं। इनकी बदौलत आपको कामकाज में बेहतर नतीजे तत्काल मिलने लगेंगे और आप ज़्यादा खुश रहने लगेंगे।

इस पुस्तक में हमने जितने भी विचार दिए हैं, उन सभी का बुनियादी मकसद आपकी उत्पादकता, प्रदर्शन और परिणामों को बढ़ाना है। इनका उद्देश्य आपको ज़्यादा मूल्यवान बनाना है। इनमें से कई विचारों को आप अपनी निजी ज़िंदगी में भी लागू कर सकते हैं।

इक्कीस तकनीकों में से प्रत्येक अपने आप में संपूर्ण है। ये सभी ज़रूरी हैं। हो सकता है कि किसी स्थिति में कोई एक रणनीति कारगर हो और किसी दूसरी स्थिति में दूसरी रणनीति। एक तरह से ये इक्कीस विचार व्यक्तिगत प्रभावकारिता तकनीकों की दावत जैसे हैं। आप इनका इस्तेमाल कभी भी, किसी भी क्रम में कर सकते हैं... जो भी आपको उस पल सही लगे।

सफलता की कुंजी है कर्म। ये सिद्धांत आपके प्रदर्शन और परिणामों को तेज़ी से बेहतर बनाते हैं। आप उन्हें जितनी फुर्ती से सीखेंगे और लागू करेंगे, उतनी ही तीव्रता से अपने कैरियर में आगे बढ़ेंगे पक्की गारंटी है!

जब आप हर सुबह एक मेंढक निगलना (सबसे मुश्किल काम सबसे पहले करना) सीख लेंगे, तो आपकी भावी सफलता की कोई सीमा नहीं होगी ! ब्रायन ट्रेसी - सोलाना बीच, कैलिफ़ोर्निया - अक्टूबर 2006

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और दोस्तो ये था आज का चैपटर -

और अब मिलते हैं अगले नए चैपटर के साथ, नई विडियों में,

आप हमेशा खुश रहें, आबाद रहें, स्वस्थ रहें, और आपका धन्यावाद, नमस्कार, जय हिन्द, जय भारत 

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आमुख - सबसे मुश्किल काम, सबसे पहले- "The hardest thing, first" - Eat That Frog! - Brian Tracy - ब्रायन ट्रेसी --- अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर - इंटरनेशनल बेस्टसेलर 'ईट दैट फ्रॉग!' का हिंदी अनुवाद --- अनुवाद: डॉ. सुधीर दीक्षित - अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर 'ईट दैट फ्रॉग!' का हिंदी अनुवाद --- सबसे मुश्किल काम, सबसे पहले - कम समय में ज़्यादा काम करने और टालमटोल छोड़ने के 21 बेहतरीन तरीके --- Hindi translation of the international bestseller "The hardest thing, first" ---- Hindi translation of international bestseller Eat That Frog! -- 21 Best Ways to Quit Procrastinating -- Writer : Brian Tracy - ब्रायन ट्रेसी आमुख  - सबसे मुश्किल काम, सबसे पहले- "The hardest thing, first" - Eat That Frog!  - Brian Tracy - ब्रायन ट्रेसी  ---  अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर - इंटरनेशनल बेस्टसेलर 'ईट दैट फ्रॉग!' का हिंदी अनुवाद  ---  अनुवाद: डॉ. सुधीर दीक्षित - अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर 'ईट दैट फ्रॉग!' का हिंदी अनुवाद  ---  सबसे मुश्किल काम, सबसे पहले - कम समय में ज़्यादा काम करने और टालमटोल छोड़ने के 21 बेहतरीन तरीके  ---  Hindi translation of the international bestseller "The hardest thing, first"  ----  Hindi translation of international bestseller Eat That Frog!  --      21 Best Ways to Quit Procrastinating  --  Writer : Brian Tracy - ब्रायन ट्रेसी Reviewed by Shiv Rana RCM on जुलाई 30, 2026 Rating: 5

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