खक की ओर से कुछ शब्द ----- सोचिये और अमीर बनिये - Think and Grow Rich - By - Napoleon Hill- की ऑडियो बुक
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लेखक की ओर
से कुछ शब्द ----- सोचिये और अमीर बनिये - Think and
Grow Rich - By - Napoleon Hill-
की ऑडियो बुक
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Hindi translation of the international bestseller Think and Grow
Rich - की ऑडियो बुक- #Audio #Book
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सोचिये और अमीर बनिये - नेपोलियन हिल - "थिंक एंड ग्रो रिच" का
हिंदी अनुवाद
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By : नेपोलियन हिल
- Writer : NAPOLEON HILL
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लेखक की ओर
से कुछ शब्द
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इस पुस्तक के हर अध्याय में धन कमाने का वह रहस्य बताया गया है जिसने दौलतमंद बनने में सैकड़ों लोगों की मदद की है, जिनका मैंने कई वर्षों तक सावधानी से विश्लेषण किया है।
इस रहस्य
की ओर मेरा ध्यान एन्ड्रयू कारनेगी ने आधी सदी से भी अधिक पहले खींचा था। जब मैं छोटा
था तभी इस चतुर और प्रेमपूर्ण व्यक्ति ने इसे मेरे दिमाग़ में डाल दिया था। फिर वे
अपनी कुर्सी पर टिककर बैठ गए और उनकी आँखों में एक खुशनुमा चमक थी। उन्होंने सावधानी
से देखा कि मुझमें इतनी बुद्धि थी या नहीं कि मैं उनकी कही हुई बात के पूरे महत्व को
समझ सकूँ।
जब उन्होंने
देखा कि मैंने विचार को समझ लिया है तो उन्होंने पूछा कि क्या मैं अपने जीवन के बीस
साल या इससे अधिक इस काम में लगाने के लिए तैयार हूँ। यह इसलिए ज़रूरी था ताकि मैं
इस रहस्य को संसार में उन पुरुषों और महिलाओं तक पहुँचा सकूँ जो बिना इस रहस्य के जीवन
में असफल ही रहेंगे। मैंने कहा कि मैं ऐसा करूँगा और कारनेगी के सहयोग से मैंने अपना
वादा निभाया।
इस पुस्तक
में वह रहस्य दिया गया है जिसे हज़ारों लोगों ने जीवन के हर क्षेत्र में आज़माकर देखा
है। यह कारनेगी का ही विचार था कि यह जादुई फ़ॉर्मूला, जिसने उन्हें इतनी प्रचुर दौलत
दी, उन लोगों तक पहुँचना चाहिए जिनके पास यह पता लगाने का समय नहीं है कि लोग किस तरह
दौलतमंद बनते हैं। और उन्हें आशा थी कि मैं हर क्षेत्र में कार्यरत पुरुषों और महिलाओं
के अनुभवों का अध्ययन करके और इस फ़ॉर्मूले की विश्वसनीयता की जाँच करके इसे लोगों
के सामने लाऊँगा। उनका मानना था कि इस फ़ॉर्मूले को सभी पब्लिक स्कूलों और कॉलेजों
में पढ़ाया जाना चाहिए। और वे यह भी सोचते थे कि यदि इसे सही तरह से सिखाया जाए तो
यह शिक्षा के पूरे सिस्टम में क्रांति कर सकता है और स्कूल में बिताए जाने वाले समय
को आधे से कम कर सकता है।
आस्था वाले
अध्याय में आप दैत्याकार युनाइटेड स्टेट्स स्टील कॉरपोरेशन के संगठन की अद्भुत कहानी
पढ़ेंगे जिसका विचार एक युवकं के मन में आया और उसने उसे बना दिया। इसके द्वारा कारनेगी
ने सिद्ध किया कि यह फ़ॉर्मूला उन सभी के लिए काम कर सकता है जो इसके लिए तैयार हैं।
इस रहस्य के एक ही प्रयोग से चार्ल्स एम. श्वाब धन और अवसर दोनों ही दृष्टियों से अमीर
बन गए। मोटे तौर पर इस फ़ॉर्मूले का प्रैक्टिकल मूल्य साठ करोड़ डॉलर था।
यह तथ्य और
यह तथ्य लगभग हर उस व्यक्ति को पता है जो कारनेगी को जानते थे आपको बता सकते हैं कि
इस पुस्तक को पढ़ने से आप क्या हासिल कर सकते हैं, बशर्ते आप जानते हों कि आप क्या
चाहते हैं।
यह रहस्य
हज़ारों लोगों को बताया गया था और उन्होंने अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए इसका प्रयोग
किया जैसा कारनेगी चाहते थे। कुछ ने इससे प्रचुर दौलत कमाई। कइयों ने इसके द्वारा अपने
घरों में सद्भावनापूर्ण माहौल बनाया। एक क्लर्जीमैन ने तो इसका प्रयोग इतने अच्छे ढंग
से किया कि इससे उसे हर साल 75,000 डॉलर से अधिक की आमदनी होने लगी।
सिनसिनाटी
के टेलर आर्थर नैश ने अपने लगभग दिवालिया हो गए बिज़नेस पर इस फ़ॉर्मूले को आज़माकर
देखा। उसका बिज़नेस फिर से खड़ा हो गया और उसने अपने मालिकों को काफ़ी दौलत प्रदान
की। हालाँकि मिस्टर नैश अब इस दुनिया में नहीं हैं, परंतु यह अब भी समृद्ध अवस्था में
है। यह प्रयोग इतना दुर्लभ था कि अख़बारों और पत्रिकाओं ने इसे इतना प्रचार दिया जो
विज्ञापन की दरों के हिसाब से दस लाख डॉलर मूल्य का था।
यह रहस्य
डैलस, टेक्सस के स्टुअर्ट ऑस्टिन वियर को दिया गया। वह इसके लिए तैयार था- इतना तैयार
था कि उसने अपने प्रोफ़ेशन को छोड़ दिया और क़ानून की पढ़ाई की। क्या वह सफल हुआ ?
यह कहानी भी बताई गई है।
लासेले एक्स्टेंशन
युनिवर्सिटी के एडवर्टाइज़िंग मैनेजर के रूप में काम करते हुए (जब यह युनिवर्सिटी एक
नाम से अधिक कुछ नहीं थी) मुझे युनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट जे. जी. चैप्लिन को देखने
का सौभाग्य मिला, जिन्होंने इस फ़ॉर्मूले का प्रयोग इतने प्रभावी ढंग से किया कि उन्होंने
लासेले को देश के महान एक्स्टेंशन स्कूलों में से एक बना दिया।
जिस रहस्य
को मैं बता रहा हूँ इस पुस्तक में कम से कम सौ बार उसका ज़िक्र किया गया है। इसे सीधे-सीधे
नहीं बताया गया है क्योंकि यह अधिक सफलतापूर्वक तभी काम करता है जब इसे उन लोगों के
लिए सिर्फ़ खुला छोड़ दिया जाता है जो इसके लिए तैयार हैं और इसकी तलाश में हैं और
जो इसे पकड़ लेते हैं। इसीलिए कारनेगी ने इसे मेरी तरफ़ शांति से उछाला था और इसका
विशेष नाम मुझे नहीं बताया था।
अगर आप इसका
प्रयोग करने के लिए तैयार हैं तो आप हर अध्याय में कम से कम एक बार इस रहस्य को पहचान
लेंगे। काश मैं आपको बता सकता कि आप यह किस तरह जानें कि आप तैयार हैं, परंतु यह बताने
से वह लाभ कम हो जाएगा जो आपको उस स्थिति में प्राप्त होगा जब आप खुद अपने ही दम पर
यह खोज करें।
अगर आप कभी
हताश रहे हैं, अगर आपको कभी ऐसी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है जब आपका कलेजा बाहर
निकल आया हो, अगर आप कोशिश करने के बाद असफल हुए हैं, अगर आप कभी बीमारी या शारीरिक
समस्या से ग्रस्त रहे हैं तो मेरे पुत्र की कहानी में कारनेगी फ़ॉर्मूले के प्रयोग
से आपको निराशा के रेगिस्तान में वह झरना मिल जाएगा जिसकी आपको तलाश है।
राष्ट्रपति
वुडरो विल्सन ने प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान इस रहस्य का काफ़ी प्रयोग किया था। इसे
हर उस योद्धा को सौंपा गया जो युद्ध में लड़ने गया। मोर्चे पर जाने से पहले दिए गए
प्रशिक्षण में इसे सावधानी से शामिल किया गया। राष्ट्रपति विल्सन ने मुझे बताया कि
युद्ध के लिए ज़रूरी फंड जुटाने में भी यह एक महत्वपूर्ण तत्व साबित हुआ।
इस रहस्य
के बारे में एक अजीब बात यह है कि जो लोग एक बार इसे हासिल करते हैं और इसका उपयोग
करते हैं वे सफलता के शिखर पर पहुँच जाते हैं। अगर आपको इस बारे में संदेह हो तो उन
लोगों के नामों का अध्ययन करें जिन्होंने इसका प्रयोग किया है और जिनका उल्लेख किया
गया है। इनके रिकॉर्ड की खुद जाँच करके देख लें और आपको विश्वास हो जाएगा।
दुनिया में
बिना कुछ दिए कुछ नहीं मिलता !
जिस रहस्य
का मैं उल्लेख कर रहा हूँ वह आपको बिना कोई क़ीमत दिए नहीं मिलेगा, हालाँकि इसकी क़ीमत
इसके मूल्य से काफ़ी कम है। यह उन लोगों को किसी भी क़ीमत पर हासिल नहीं हो सकता जिनके
मन में इसकी खोज का कोई इरादा नहीं है। इसे दिया नहीं जा सकता और इसे पैसे से ख़रीदा
नहीं जा सकता और इसका कारण यह है कि यह दो हिस्सों में आता है। एक हिस्सा पहले से ही
उन लोगों के पास होता है जो इसके लिए तैयार होते हैं।
यह रहस्य
उन लोगों के लिए समान रूप से अच्छी तरह काम करता है जो इसके लिए तैयार हैं। इसका शिक्षा
से कोई लेना-देना नहीं है। मेरे पैदा होने से बहुत पहले यह रहस्य थॉमस ए. एडिसन के
स्वामित्व में आया और उन्होंने इसका इतना बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग किया कि वे विश्व
के सबसे प्रमुख आविष्कारक बन गए, हालाँकि वे सिर्फ़ तीन महीने ही स्कूल गए थे।
यह रहस्य
एडविन सी. बार्स के पास आया जो एडिसन के बिज़नेस सहयोगी थे। उन्होंने इसका इतने प्रभावी
ढंग से उपयोग किया कि हालाँकि वे उस समय सिर्फ़ 12,000 डॉलर प्रति वर्ष कमा रहे थे,
परंतु उन्होंने बाद में प्रचुर दौलत हासिल की और वे युवावस्था में ही सक्रिय बिज़नेस
से रिटायर हो गए। आप उनकी कहानी पहले अध्याय के शुरू में पाएँगे। इससे आपको विश्वास
हो जाएगा कि अमीरी आपकी पहुँच से बाहर नहीं है, कि आप भी वह बन सकते हैं जो आप बनना
चाहते हैं, कि दौलत, शोहरत, मान-सम्मान और सुख-शांति उन
---
सभी लोगों
को मिल सकती है जो इन वरदानों के लिए तैयार और दृढ़ संकल्पित हैं।
मैं यह सब
कैसे जानता हूँ? इस पुस्तक को पूरा करने से पहले आपको इसका जवाब मिल जाना चाहिए। आप
इसे पहले ही अध्याय में पा सकते हैं या फिर आपको यह आख़िरी पेज पर मिल सकता है।
जब मैं कारनेगी
के आग्रह पर शुरू किए गए अपने बीस साल के शोध में लगा था तो मैंने सैकड़ों प्रसिद्ध
लोगों का विश्लेषण किया जिनमें से कइयों ने कारनेगी के रहस्य की सहायता से ढेर सारी
दौलत कमाई थी। इन लोगों में से कुछ हैं:
हैनरी फ़ोर्ड
विलियम रिग्ली
जूनियर
जॉन वॉनामेकर
डॉ. डेविड
स्टार जॉर्डन
ई. एम. स्टैटलर
हैनरी एल.
डोहर्टी
साइरस एच.
के. कर्टिस
जॉर्ज ईस्टमैन
चार्ल्स एम.
श्वाब
थियोडोर रूजवेल्ट
जॉन डब्ल्यू.
डेविस
अल्बर्ट हबार्ड
जॉन डी. रॉकफेलर
थॉमस ए. एडिसन
फ्रैंक ए.
वान्डरलिप
एफ़. डब्ल्यू.
वूलवर्थ
कर्नल रॉबर्ट
ए. डॉलर
एडवर्ड ए.
फ़िलेने
एडविन सी.
बार्न्स
आर्थर नैश
क्लैरेंस
डैरो
विल्बर राइट
विलियम जेनिंग्स
ब्रायन
जेम्स जे.
हिल
जॉर्ज. एस.
पार्कर
जे. ऑजन आर्मर
आर्थर ब्रिस्बेन
हैरिस एफ़.
विलियम्स
डॉ. फ्रैंक
गुन्सॉलस
डेनियल विलार्ड
किंग जिलेट
राल्फ़ ए.
वीक्स
जज डैनियल
टी. राइट
एडवर्ड डब्ल्यू.
बॉक
फ्रैंक ए.
मन्से
अल्बर्ट एच.
गैरी
डॉ. अलैक्ज़ेंडर
ग्राहम बेल
जॉन एच. पैटरसन
जूलियस रॉज़नवाल्ड
स्टुअर्ट
ऑस्टिन वियर
डॉ. फ्रैंक
क्रेन
जॉर्ज एम.
अलैक्जेंडर
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वुडरो विल्सन
विलियम हॉवर्ड
टैफ्ट
लूथर बरबैंक
जे. जी. चैप्लिन
अमेरिकी सीनेटर
जेनिंग्स रैंडोल्फ
--
यह नाम उन
सैकड़ों प्रसिद्ध अमेरिकियों का एक छोटा सा हिस्सा हैं जिनकी आर्थिक व अन्य उपलब्धियाँ
यह साबित करती हैं कि जो लोग कारनेगी रहस्य को समझते और अपनाते हैं वे जीवन में ऊँचाइयों
पर पहुँचते हैं। मैं किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं जानता जिसने इस रहस्य का प्रयोग किया
हो और उसके बाद उसे अपने चुने हुए क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता न मिली हो। मैं किसी
ऐसे व्यक्ति को भी नहीं जानता जिसने काफ़ी दौलत या शोहरत कमाई हो और ऐसा उसने बिना
इस रहस्य के प्रयोग के किया हो। इन दोनों तत्वों से मैं यह निष्कर्ष निकालता हूँ कि
यह रहस्य आत्म-संकल्प के लिए अनिवार्य ज्ञान के एक हिस्से के रूप में महत्वपूर्ण है।
इतना महत्वपूर्ण जितनी महत्वपूर्ण 'शिक्षा' नाम की वह चीज़ भी नहीं है जिसे हम हासिल
करते हैं।
वैसे, शिक्षा
है क्या ? इसका उत्तर भी पूरी तरह से दिया गया है।
जब आप पढ़ेंगे
तो कहीं पर यह रहस्य जिसका मैं उल्लेख कर रहा हूँ किसी पेज से निकलकर कूद पड़ेगा और
बहादुरी से आपके सामने खड़ा हो जाएगा, अगर आप इसके लिए तैयार हैं तो ! जब यह आएगा तो
आप इसे पहचान लेंगे। जब भी आपको पहले या अंतिम अध्याय में ऐसा लगे तो इसके आने पर एक
पल के लिए ठहरें और अपनी घड़ी पर नज़र डालें, क्योंकि यह अवसर आपके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण
मोड़ साबित होगा।
जब आप इस
पुस्तक को पढ़ें तो यह भी याद रखें कि यह तथ्यों के बारे में है। यह कहानी (फ़िक्शन)
या कल्पना नहीं है। इसका लक्ष्य एक महान शाश्वत सत्य को उन लोगों तक पहुँचाना है जिसके
द्वारा सभी जिज्ञासु लोग यह सीख सकते हैं कि क्या किया जाए और उसे कैसे किया जाए! उन्हें
शुरुआत करने के लिए आवश्यक प्रेरणा भी प्राप्त होगी।
तैयारी के
अंतिम शब्द के रूप में, इससे पहले कि आप पहले अध्याय को शुरू करें, मैं आपको एक संक्षिप्त
सुझाव देना चाहूँगा जो आपको कारनेगी रहस्य को पहचानने का एक छोटा सा संकेत देगा। यह
सुझाव है- समस्त उपलब्धि, समस्त अर्जित दौलत की शुरुआत एक विचार से होती है! अगर आप
रहस्य के लिए तैयार हैं, तो आपके पास इसका आधा हिस्सा पहले से ही है। इसलिए आप दूसरे
आधे हिस्से को देखते ही उसे तत्काल पहचान जाएँगे। -- -- नेपोलियन हिल ---
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और दोस्तो
ये था आज का चैपटर -
और अब मिलते हैं अगले नए चैपटर के
साथ, नई विडियों में,
आप हमेशा खुश रहें, आबाद रहें,
स्वस्थ रहें, और आपका धन्यावाद, नमस्कार, जय हिन्द, जय भारत
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Reviewed by Shiv Rana RCM
on
मई 21, 2026
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