मेरे मन की बात -- जुड़ो जोड़ो जीतो -- नेटवर्क मार्केटिंग - की ऑडियो बुक- #Audio #Book - Dr Ujjwal Patni -
मेरे मन की बात -- जुड़ो जोड़ो जीतो -- नेटवर्क मार्केटिंग -
की ऑडियो बुक-
#Audio #Book - Dr Ujjwal
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मेरे मन की बात -- जुड़ो जोड़ो जीतो -- नेटवर्क मार्केटिंग -
की ऑडियो बुक-
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By : डॉ. उज्जवल पाटनी - Writer : Dr
Ujjwal Patni
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जुड़ो जोड़ो जीतो -- नेटवर्क मार्केटिंग - लोकप्रिय बेस्टसेलर - जुड़ो जोड़ो जीतो
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सफल वक्ता - सफल व्यक्ति -- व
जीत या हार रहो तैयार के लेखक-
डॉ. उज्जवल पाटनी
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मेरे मन की बात
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इस पुस्तक को सुनने
से पहले इस पाठ को जरूर सुने
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एक मैनेजमेन्ट विशेषज्ञ
के रूप में मुझे ढेरों बिजनेस प्रणालियों को करीब से देखने का अवसर मिला। इसी अवधि
में भारत में नेटवर्क मार्केटिंग प्रणाली पर आधारित कंपनियों ने पांव फैलाना शुरू किया।
प्रशिक्षक के रूप में
इन नटवर्क कंपनियों में जाने के बाद मुझे इस प्रणाल। का असली महत्व पता चला। मैने नेटवर्क
मार्केटिंग कंपनियों की कार्यप्रणाली समझने के लिये विश्व की शीर्ष कंपनियों का विभिन्न
पहलुओं से अध्ययन किया, व्यक्तिगत रूप से शोध किये। कुछ वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद
मैने जाना कि इस प्रणाली में क्यों एक व्यक्तिं सफल होता है, दूसरा असफल, क्यों एक
कंपनी बंद हो जाती है और दूसरी शीर्ष पर पहुंच जाती है।
मैं अब विश्वास के साथ
कह सकता हूं कि इस प्रणाली में सफलता पाना आसान नहीं है और ना ही यह धन कमाने का शार्टकट
है। यह भी कठिन परिश्रम और संपूर्ण समर्पण मांगती है। जो लोग इसे आसान रास्ता या हल्का
व्यापार समझकर प्रवेश करते है, जो मुश्किलों का सामना नहीं करना चाहते, वे स्वतः ही
इस व्यापार को छोड़ देते हैं या असफल हो जाते है।
मेरी व्यक्तिगत राय
है कि यह प्रणाली ए. महान बिजनेस का अवसर है और आगामी वर्षों में यह विश्व की अर्थव्यवस्था
का महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
मेरी कार्यशालाओं और
सेमिनारों में डिस्ट्रीब्यूटर और ऐसोसियेट ढेरों सवाल करते है- कैसे लोगों को जोड़े,
उनकी नकारात्मक धारणाओं को कैसे हटाये, निष्क्रिय साथियों को सक्रिय कैसे बनाऐं, लोगों
को सिद्धांत पर लेकर कैसे चले, टीम को बिखरने से कैसे रोकें, आदि-आदि।
कुछ लोग तो
यह भी कहते थे कि क्या पढ़े, समझ नहीं आता।
अधिकांश पुस्तकें विदेशी लेखकों द्वारा लिखी गई है और भारतीय विचारधारा के अनुकूल नहीं
है। वो मुझसे कोई ऐसी पुस्तक या सीडी मांगते थे, जिसे वो नये व्यक्ति को दे सके और
उस व्यक्ति की नेटवर्क मार्केटिंग के बारे में सारी धारणाऐं स्पष्ट हो जाऐ।
हमारी टीम ने अथक प्रयास
करके उन सारे सवालों को संजोया । हमने बहुत अध्ययन और परिश्रम के बाद उन सवालों के
भारतीय उत्तर तैयार किये। हमने 'जुड़ो' के शीर्षक से इस किताब में एक अनमोल हिस्सा
शामिल किया जिसे पढ़ते ही एक नया व्यक्ति (प्रास्पेक्ट) इस व्यवसाय की ताकत पहचान सकता
है। जिन नेटवर्कर की बोलने की क्षमता (कम्युनिकेशन स्किल) अच्छी नहीं है, वे इस प्रभावी
किताब के माध्यम से अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकते है।
इस प्रणाली से 'जुड़ने'
के बाद दूसरा लक्ष्य होता है, दूसरों को 'जोड़ना'। दूसरों को जोड़ने के लिये कैसा प्रस्तुतिकरण
हो, किन तथ्यों को मुख्य बनाया जाऐ और किन्हें गौण किया जाए, कौन किस बात से प्रभावित
होगा, मीटिंग कैसे रखी जाऐ, ना को हां में कैसे बदला जाऐ जैसे ढेरों सवालों के जवाब,
आपको 'जोड़ो' के हिस्से में मिलेंगे। यहां आपकी नेटवर्किंग की पाठशाला खत्म होती है।
जुड़ने और जोड़ने के
बाद लंबे समय तक व्यापार में जीतते रहने के लिये कौन से सिद्धांतों का पालन करे, टीम
का नजरिया सकारात्मक कैसे बनारे, नेतृत्व की क्षमता कैसे लायें, साथियों को सक्रिय
कैसे रखें, दूसरी नेटवर्क कंपनियों की चुनौती का सामना कैसे करें जैसे रोज उठने वाले
सवालों के सर्वश्रेष्त्र हल आपके लिये 'बीतो' में पेश किये गये हैं।
इस पुस्तक
में नेटवर्क मार्केटिंग के संबंध में लोगों
की भ्रांतियों और शंकाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। लोग अपना भविष्य किसी गलत
नेटवर्क कंपनी से जुड़कर बरबाद न कर बैठे, इसलिये नेटवर्क कंपनी के चुनाव पर भी एक
निष्पक्ष और विशिष्ट अध्याय शामिल किया गया है।
इस पुस्तक को पढ़कर
मुझे ऐसा लगता है कि कहीं मैने एक ही किताब में जरूरत से ज्यादा जानकारी तो नहीं दे
दी। खैर इतना तो जरूर है कि इस पुस्तक को लिखने में मुझे बेहद आत्मसंतुष्टि हुई।
मुझे यकीन है कि भारत
के लाखों नेटवर्कर जो अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिये रात दिन मेहनत कर रहे
है, उन्हें यह पुस्तक अवश्य नयी दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि
इस पुस्तक की भाषा एकदम सामान्य है ताकि हर कोई इसे आसानी से समझ सके। यह आपके अपने
शब्दों में, आपकी अपनी पुस्तक है।
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इस पुस्तक को लिखने
में जाने-अनजाने मैने जिनकी भी मदद ली है, सबको हृदय की गहराइयों से धन्यवाद !
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मेरी शुभकामनाऐं है
कि इस पुस्तक की मदद से आप डायमंड जरूर बने और जल्द बने !
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डॉ. उज्जवल पाटनी
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और दोस्तो
ये था आज का चैपटर -
और अब मिलते हैं अगले नए चैपटर के
साथ, नई विडियों में,
तब तक आप खुश रहें, आबाद रहें,
स्वस्थ रहें, और आपका धन्यावाद, नमस्कार, जय हिन्द, जय भारत
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Reviewed by Shiv Rana RCM
on
मई 17, 2026
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