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खज़ाना आपके भीतर छिपा है - आपके अवचेतन मन की शक्ति- "Power of your subconscious mind" - Dr. Joseph Murphy - डा. जोसेफ़े मर्फी --- आपके अवचेतन मन की शक्ति - Power of your subconscious mind -- The international bestseller "Power of your subconscious mind" -- Writer : Dr. Joseph Murphy - लेखक : डा. जोसेफ़े मर्फी

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खज़ाना आपके भीतर छिपा है -  आपके अवचेतन मन की शक्ति- "Power of your subconscious mind" - Dr. Joseph Murphy - डा. जोसेफ़े मर्फी

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आपके अवचेतन मन की शक्ति - Power of your subconscious mind

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The international bestseller "Power of your subconscious mind"

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Writer : Dr. Joseph Murphy - लेखक : डा. जोसेफ़े मर्फी

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खज़ाना आपके भीतर छिपा है

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अबड़ा गर आप अपने मन की आँख खोलकर देखें, तो आपके अंदर बहुत बड़ा खज़ाना छिपा है। आप इस अनंत खज़ाने को अपने अंदर निहारें, जिसमें से आप सुखद, समृद्ध और आनंदमयी जीवन जीने के लिए प्रत्येक जरूरी चीज प्राप्त कर सकते हैं। कई लोग अपनी संभावना को इसलिए नहीं जान पाते हैं, क्योंकि उन्हें अपने भीतर मौजूद असीमित ज्ञान और अनंत प्रेम के भंडार का पता ही नहीं होता है। जबकि सच तो यह है कि इसमें से आप अपनी प्रत्येक मनचाही चीज हासिल कर सकते हैं।

 

एक चुम्बकीय लोहे का टुकड़ा अपने वजन का बारह गुना भार उठा सकता है और यदि आप इस लोहे के टुकड़े को चुंबक रहित कर दें, तो यह अपने वजन से कम को भी नहीं उठा सकता है। इसी प्रकार मनुष्य भी दो तरह के होते हैं पहला, जिसमें चुम्बकीय आकर्षण होता है, ऐसे मनुष्य आत्मविश्वास और विश्वास से परिपूर्ण होते हैं। उन्हें अपने बारे में पता है कि वे सफल होने तथा जीतने के लिए पैदा हुए हैं। दूसरी तरह के लोग वे होते हैं, जिनमें चुम्बकीय गुण नहीं होता है। वे बहुत बड़ी तादाद में होते हैं। वे डरों और शंकाओं से भरे होते हैं। अक्सर सामने आने पर वे कहते हैं, 'अगर मैं सफल नहीं हुआ, तो क्या होगा? कहीं मेरा धन न डूब जाए। लोग मेरा मजाक उड़ाएंगे।' इस प्रकार के लोग जिन्दगी में ज्यादा आगे तक नहीं जा पाते हैं। उनका डर उन्हें उसी जगह रोके रहता है, जहां वे होते हैं। एक चुम्बकीय व्यक्ति बनिए और जन्मजन्मांतर के गूढ़ रहस्य को खोजें और उस

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इतिहास का सबसे बड़ा रहस्य

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यदि कोई आपसे इतिहास का सबसे बड़ा चमत्कारिक रहस्य पूछे, तो आप क्या जवाब देंगे? परमाणु ऊर्जा ? ग्रहों पर पहुंचे अंतरिक्ष यान? ब्लेक होल? नहीं, इनमें से कोई नहीं। तो फिर सबसे बड़ा रहस्य क्या है? इंसान इसे कहीं खोज सकता है? इसे कैसे समझा जा सकता है और इसका लाभकैसे लिया जा सकता है? इन सबका जवाब बहुत सरल है। इसका रहस्य है आपके अवचेतन मन की चमत्कारिक कार्य शक्ति, वह जगह जहां व्यक्ति शायद ही खोजते होंगे।

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आपके अवचेतन मन की शक्ति

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आप अपने अवचेतन मन की चमत्कारिक शक्ति का प्रयोग सीख कर अपने जीवन में अधिक शक्ति, दौलत सेहत खुशी और आनंद पा सकते हैं। आपको इस शक्ति को हासिल करने की जरूरत नहीं है। यह तो आपमें पहले से ही मौजूद है। बहरहाल आपको यह सीखना होगा कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है। आपको इसको समझना ही होगा, ताकि आप अपने जीवन के सभी पहलुओं में इसका प्रयोग कर सकें। यदि आप इस पुस्तक में दी गई आसान तकनीकों और प्रतिक्रियाओं का पालन करेंगे, तो आपको आवश्यक जानकारी तथा समझ मिल जाएगी। एक नया प्रकाश आपको प्रेरित कर देगा। आप एक नई शक्ति उत्तपन्न कर सकते हैं, जिसकी बदौलत आप अपनी सभी आशाओं और सपनों को साकार कर सकते हैं। आप-अभी और इसी समय तय करें कि आप अपने जीवन को पहले से भी ज्यादा व्यापक, महान, समृद्ध और उदार बनाएंगे।

 

आपकी अवचेतन गहराइयों में सभी आवश्यक चीजों के बारे में असीमित ज्ञान, शक्ति और आपूर्ति का भण्डार है। आपका अवचेतन मन इस बात का इंतजार कर रहा है कि आप इसे विकसित करें और अभिव्यक्ति दें। अगर आप अपने अवचेतन मन की क्षमता को पहचान लें, तो आपकी इच्छाएं बाहरी जगत में साकार हो सकती हैं। खुले दिमाग वाला और ग्रहणशील व्यक्ति अपने अवचेतन मन में मौजूद असीमित ज्ञान से वह प्रत्येक चीज बना सकता है, जिसकी उसे कभी भी कहीं भी, जरूरत हो। आप नये विचार पा सकते हैं, आविष्कार कर सकते हैं, खोंजे कर सकते हैं और नई कलाकृत्तियां बना सकते हैं आपके अवचेतन मन का असीमित ज्ञान आपको आश्चर्यजनक नई जानकारी दे सकता है। यदि आप इसे अपने सामने प्रकट होने देंगे तो यह आपके जीवन में आदर्श अभिव्यक्ति और सही रास्ता खोज देगा।

 

अपने अवचेतन मन की चातुर्यता के द्वारा आप आदर्श साथी को आकर्षित कर सकते हैं साथ ही सही व्यापारिक सहयोगी अथवा पार्टनर पा सकते हैं। यह आपके घर के लिए सही खरीददार पा सकता है और आपकी जरूरत के हिसाब को समुचित धन दे सकता है साथ ही अपनी हार्दिक इच्छा पूरी करने के लिए आर्थिक स्वतंत्रता दे सकता है। आपको अपने अंदर के विचारों, अहसासों, शक्ति, रौशनी प्रेम और सुन्दरता को इस दुनिया में खोजने का अधि कार है। अदृश्य होते हुए भी इसकी ताकत विशाल है। अपने अवचेतन मन के अन्दर आप हर मुश्किलों का हल पाएंगे और इसकी वजह भी। क्योंकि आप अपनी छुपी शक्तियों को बाहर निकालकर उन शक्तियों पर वास्तविक अधिकार और ज्ञान पाते है, जिससे आप पूर्ण रूप से सुरक्षा प्रसन्नता और प्रभुत्व पाकर आगे बढ़ सकें।

 

मैंने अवचेतन मन की शक्ति से अपाहिजों को पूर्ण स्वस्थ होते देखा है। अवचेतन मन के कारण उन्हें खुशी, सेहत और आनंद की भावनाओं को हकीकत में बदलते देखा है। आपके अवचेतन मन की चमत्कारिक शक्ति परेशान दिमाग और टूटे हुए दिल का इलाज कर सकती है। यह आपके मस्तिष्क को आज़ाद कर सकती है। यह आपको सभी तरह के भौतिक और शारीरिक बंधनों से मुक्त कर सकती है।

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शाश्वत सत्य

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अगर आप किसी भी क्षेत्र में प्रगति करना चाहते हैं, तो इसके लिए एक अनिवार्य और पहले कदम की आवश्यकता है। आपको एक शाश्वत कार्यकारी आधार का पता लगाना होगा। आप अपने अवचेतन मन के कार्यान्वयन में कौशल प्राप्त कर सकते हैं। जिस प्रकार का ज्ञान आपको इसके सिद्धांत का है और जिस प्रकार आप एक विशेष ध्येय और परिणाम पाना चाहते हैं उसके अनुपात में आप इसकी शक्तियों का अभ्यास करके सटीक परिणाम पा सकते हैं। मैंने कई सालों तक केमिस्ट का काम करते समय अपने शुरुआती प्रशिक्षण में यह सीखा कि जब आप हाइड्रोजन के दो परमाणुओं और ऑक्सीजन के एक परमाणु को मिलाते हैं, तो परिणाम हमेशा पानी होता है- कमी-कभार या अक्सर नहीं, हमेशा।

 

जब आप ऑक्सीजन के एक परमाणु और कार्बन के एक परमाणु को मिलाते है, तो कार्बन मोनोऑक्साइड नामक जहरीली गैस उत्पन्न होती है, लेकिन अगर आप ऑक्सीजन का एक और परमाणु जोड़ देते हैं, तो आपको कार्बन डाइऑक्साइड मिल जाती है, जो प्राणियों के लिए हानिरहित और पौधों के लिए जीवनदायी होती है। ये शाश्वत और अपरिवर्तनीय तथ्य हैं। इन्हें हम सिद्धांत कहते हैं। आपके अवचेतन मन के सिद्धांत केमिस्ट्री, फिजिक्स और गणित के सिद्धांतों से अलग नहीं है। लेकिन रसायनिक या भौतिक शक्तियों का प्रयोग करने के लिए आपको इन क्षेत्रों के सिद्धांतों को भी सीखना होगा। आमतौर पर इस सिद्धांत को सभी स्वीकार करते हैं- 'जल अपना स्तर स्वयं ढूंढता है।' यह एक सार्वभौतिक तथ्य है, जो हर जगह के जल पर समान रूप से लागू होता है।

 

प्राचीन मिस्र के लोग इस सिद्धांत को अच्छी तरह से जानते थे। इसका प्रयोग उन्होंने महान पिरामिडों की नीव को समतल बनाने के लिए किया था। आज भी सिंचाई तंत्र से लेकर हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर स्टेशन बनाते समय इंजीनियर इसका प्रयोग करते हैं।

 

एक अन्य सिद्धांत को लें, 'पदार्थ गर्म करने पर फैलते है।' यह कहीं भी, किसी भी समय एवं हर परिस्थितियों में सत्य है। आप एक स्टील के टुकड़े को गर्म करें, यह फैलेगा, चाहे यह स्टील चीन, इंग्लैण्ड अथवा भारत का हो। यह एक सार्वभौमिक सत्य है कि पदार्थ गर्म किए जाने पर फैलते हैं। यह भी एक विश्वव्यापी सत्य है कि आप अपने अवचेतन मन में जिस चीज की छाप छोड़ते हैं, वह अंतरिक्ष के पटल पर एक परिस्थिति, अनुभव और एक घटना की तरह दिखता है।

आपकी प्रार्थानाओं का जवाब मिलता है, क्योंकि आपका अवचेतन मन एक सिद्धांत है और इस सिद्धांत से मेरा तात्पर्य है कि जिस तरह से चीजें काम करती हैं। उदाहरण के तौर पर जैसे कि बिजली का एक महत्वपूण् सिद्धांत यह है कि वह उच्च क्षमता से निम्न क्षमता की ओर काम करती है। जब आप इलेक्ट्रिक स्टोव पर खाना पकाते हैं, तो आप बिजली के इस सिद्धांत को नहीं बदलते हैं। आप इस सिद्धांत का लाभ लेते हैं। प्रकृति के साथ सहयोग करके आप अद्भुत खोजों और आविष्कारों को साकार कर सकते हैं, जो मानवता को अनंत तरीकों से सुख प्रदान करते हैं।

 

आपका अवचेतन मन एक सिद्धांत है और विश्वास के नियम के अनुसार चलता है। आपको ज्ञान होना चाहिए यह विश्वास क्या है और क्यों और कैसे यह काम करता है। आपकी बाइबिल सरल, स्पष्ट और सुंदर तरीके से बताती है कि जो भी इस पहाड़ से कहेगा, तुम हट जाओ तथा समुद्र में चले आओ और वह अपने दिल में शंका नहीं करेगा, बल्कि विश्वास रखेगा कि जो वह कहता है। अवश्य होगा।

 

आपके मन का नियम विश्वास का नियम है। इसका तात्पर्य है कि जिस प्रकार आपका मन काम करता है, उस पर आपका अटूट विश्वास होना चाहिए। आपके मन का विश्वास ही आपके मन का विचार है। इसके अतिरिक्त कुछ नहीं। आपका अवचेतन मन आपके विचारों पर प्रतिक्रिया के अनुरूप अनुभवी कार्य, घटनाओं तथा परिस्थितियों को उत्पन्न कर देता है। ध्यान रखें, आपको सफलता उस चीज के कारण नहीं मिलती है, जिसमें आप विश्वास करते हैं। सफलता तो मन के विश्वास के कारण मिलती है। मानव जाति को जकड़ने वाले झूठे विश्वासों, रायों, अंधविश्वासों तथा डरों को स्वीकार करना बंद कर दें। शाश्वत सत्यों और जीवन की उन सच्चाइयों पर विश्वास करना शुरू करें, तो आप आगे, ऊपर और ईश्वर की तरफ बढ़ने लगेंगे। जो भी व्यक्ति इस पुस्तक को पढ़ता है और इसमें लिखे अवचेतन मन के सिद्धांतों को लागू करता है, वह अपने एवं दूसरों के लिए वैज्ञानिकी और प्रभावी ढंग से प्रार्थना कर सकेगा। आपकी प्रार्थना का उत्तर क्रिया और प्रतिक्रिया के शाश्वत नियम के अनुसार आता है। प्रतिक्रिया आपके अवचेतन मन का वह उत्तर है, जो आपके विचार की प्रकृति से मेल खाता है। अपने मन को समरस, स्वस्थ, शांति और शुभचिंतक की तरह व्यस्त रखें, तब आपके जीवन में चमत्कार होने लगेंगा।

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मस्तिष्क के दो भाग

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आपका मस्तिष्क एक है, लेकिन इसके दो स्पष्ट और विशिष्ट कार्यकारी भाग है। दोनों का कार्य-विभाजन मस्तिष्क के सभी विद्यार्थियों को अच्छी तरह मालूम होता है। मस्तिष्क के दोनों हिस्से एक-दूसरे से बिस्कुल अलग हैं। इन दोनों के अपने विशिष्ट गुण और शक्तियां हैं, जो एक-दूसरे से अलग हैं। मस्तिष्क के इन कार्यों में भेद करने के लिए कई नामों का प्रयोग किया जाता है। जिसे वस्तुनिष्ठ और व्यक्तिनिष्ठ, चेतन और अवचेतन मन-जागृत एवं सुप्त मन, सतही और गहरा स्वरूप, स्वैच्छिक और अनैच्छिक मन, पुरुष और स्त्री मन आदि। इनका नाम चाहे जो भी रखें, इससे मस्तिष्क के मूल द्वैष का पता चलता है।

इस पूरी पुस्तक में आपके मस्तिष्क के दो हिस्सों के लिए चेतन और अवचेतन मन का प्रयोग किया गया है। अगर आपको दूसरे शब्द आसान लगते हों, तो आप उनका प्रयोग कर लें। महत्वपूर्ण शुरुआती बात यह है कि मस्तिष्क की इस द्वैत प्रकृति को पहचान लिया जाए और स्वीकार कर लिया जाए।

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चेतन और अवचेतन मन की कार्यशैली

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आपके मस्तिष्क के कार्यों को जानने का एक अद्भुत तरीका यह है कि आप अपने मस्तिष्क को एक बगीचा मान सकते हैं। आप एक माली हैं और आप अपने विचार रूपी बीजों को पूरे दिनभर अपनी आदत के अनुसार बो रहे हैं। जैसा आप अपने अवचेतन मन में बोते हैं उसी तरह का फल आपको अपने शरीर और वातावरण में मिलेगा। यदि आपका अवचेतन मन उपजाऊ मिट्टी है, तो वह सभी तरह के अच्छे या बुरे बीजों को उगने में मदद करेगी। यदि आप कांटे बोएंगे, तो आपको अंगूर मिल सकते है? यदि आप कंटीली झाड़ियां बोते हैं, तो क्या आपको अंजीर की फसल मिल सकती है? हर विचार एक कारण है और हर परिस्थिति एक परिणाम है। इसी वजह से यह अनिवार्य है कि आप अपने विचारों पर नियंत्रण रखें, जिससे केवल अपनी-अपनी इच्छानुसार परिस्थितियां मिल सकती हैं।

यही वह सही समय है जब आप शांति, खुशी, सही कार्य, अच्छा संकल्प और समृद्धि के बिचार बो सकते हैं। शांति और इच्छा के साथ इन गुणों के बारे में सोचिए और अपने चेतन विवेकशील मन में पूर्णरूप से स्वीकार करें। इन विचार रूपी अद्भुत बीजों को अपने मन के बाग में उगाना जारी रखें, तब आपको एक गौरवपूर्ण फसल की प्राप्ति होगी। आपका अवचेतन मन भूमि से जुड़ेगा, जो सभी प्रकार के बीजों को उगायेगा, चाहे वो अच्छे हों, या बुरे। क्या लोग काटों वाले अंगूर अथवा कंटीली अंजीर एकत्रित करते हैं? इस प्रकार हर विचार एक कारण है और हर परिस्थिति एक परिणाम। इसी वजह से यह जरूरी है कि आप अपने विचारों पर निमंत्रण रखें, जिसमें केवल अपनी-अपनी इच्छानुसार ही परिस्थितियां आगे बनें।

 

जब आपका मस्तिष्क सही तरीके से सोचना शुरू कर देगा, तब आप सच्चाई समझना शुरू कर देंगे, जब आपके अवचेतन मन तक पहुंचे विचार सृजनात्मक, सद्भावनापूर्ण और शांतिपूर्ण होते हैं, तो आपके अवचेतन मन की जादुई कार्यकारी शक्ति प्रतिक्रिया करेगी। यह उस विचार के लिए आवश्यक परिस्थितियों और उचित माहौल का निर्माण कर देगी। अपनी विचार प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करने के बाद आप किसी भी समस्या या मुश्किल में अपने अवचेतन मन की शक्तियों का प्रयोग कर सकते हैं। वास्तव में आप जान-बूझकर हुए उस असीमित शक्ति और अटूट नियम के साथ सहयोग कर रहे हैं, जो सभी चीजों पर लागू होता है।

 

अपने चारों तरफ देखें जहां कहीं भी आप रहते हों, आपकी सामाजिक स्थिति चाहे जैसी हो, आप देखेंगे कि अधिकांश लोग बाहरी दुनिया में जीते हैं। लेकिन अधिकतर ज्ञानी लोग अपने अंदरूनी विश्व में जीते हैं। उन्हें यह पता होता है, वास्तव में आपको भी पता होगा कि अंदर की दुनिया से ही बाहर की दुनिया भी उत्पन्न होती है। यही आपके विचार, भावनाएं और सपने आपके अनुभव के जनक हैं। आंतरिक मन ही एकमात्र रचनात्मक शक्ति है। बाह्य संसार में आपको जितनी भी चीजें मिलती हैं, वे सभी अपने-अपने मन के अंदरूनी संसार ने उत्पन्न की हैं, चाहे आपने यह काम सचेतन रूप से किया हो, या अवचेतन रूप से।

जब आप अपने चेतन और अवचेतन मन की आपसी कार्यविधि के बारे में सच्चाई जान लेंगे, तो अपने जीवन की कायापलट करने में कामयाब हो जाएंगे। यदि आप बाह्य स्थितियों को बदलना चाहते हैं, तो आपको उनके कारणों को बदलना होगा। अधिकांश लोग परिस्थितियों और स्थितियों से संघर्ष करके उन्हें बदलने की कोशिश करते हैं। इसमें समय और भ्रम की मात्रा अधिक लगती है। यही कारण है कि हम यह नहीं देख पाते कि ये स्थितियां और परिस्थितियां किस कारण उत्पन्न हुई हैं। अपने जीवन में मनमुटाव, दुविधा, कमी और सीमा को दूर करने के लिए आपको उसके मूल कारण को दूर करना होगा। इसका एक ही तरीका है यानी जिससे आप अपने चेतन मन का प्रयोग करते हैं; वे विचार और तस्वीरें, जो आप इसमें भरते हैं। यदि आप इनके कारणों को बदल दें, तो परिणाम अपने आप बदल जाएगा। यह बहुत ही आसान है।

 

हम सभी असीमित दौलत के अथाह समुद्र में रहते हैं। आपका अवचेतन आपके विचारों के लिए बहुत संवेदनशील है। आपके विचार एक सांचा ढांचा बनाते हैं जिसमें से होकर अवचेतन की अनंत बुद्धिमत्ता, ज्ञान, महत्वपूर्ण शक्ति और ऊर्जाएं बहती हैं।

 

इस पुस्तक का प्रत्येक अध्याय सच्चे और प्रासंगिक उदाहरण देकर बताता है कि आप अवचेतन मन के नियमो को किस प्रकार लागू कर सकते हैं। जब आप इन तकनीकों का प्रयोग करना सीख लेंगे, तो आप गरीबी की बजाय अमीरी, अंधविश्वास और अज्ञान के बजाय बुद्धिमानी, आंतरिक संघर्ष के बजाय शांति, असफलता के बजाय सफलता, दुःख के बजाय खुशी, अंधविश्वास के बजाए प्रकाश, मतभेद् के बजाय स‌द्भाव, डर के बजाय आत्मविश्वास तथा आस्था का अनुभव करने लगेंगे। यह आपके लिए अद्भुत वरदान हो सकते हैं। अधिकतर महान वैज्ञानिकों, कलाकारों, कवियों, गायकों, लेखकों और आविष्कारकों ने चेतन और अवचेतन मन के कार्यशैली की गहरी जानकारी और समझ होती है।

 

एक बार की बात है, केरूसो, महान ऑपेरा गायक को मंच पर गाने से डर लगा। उसने बताया कि अधिक डर की वजह से उसके गले की पेशियां जम गयीं, चेहरे से पसीना बहने लगा, वह अपने लिए बहुत शर्मिदा था। उसने कहा- "लोग मुझ पर हंसेंगे। मैं गा नहीं सकता।" तभी स्टेज के पीछे उपस्थित लोगों के बीच वह जोर से चिल्लाया "मेरे अंदर का छोटा 'मैं' मेरे अंदर के बड़े 'मैं' को मारना चाहता है।" उसने छोटे 'मैं' से कहा "यहां से जाओ बड़ा 'मैं' मेरे द्वारा गाना चाहता है।" उसका बड़े 'मैं' से तात्पर्य था उसके अनमेतन मन की अनंत शक्ति और ज्ञान। फिर वह जोर से चिल्लाने लगा "जाओ, जाओ बड़ा 'मैं', अब गाने जा रहा है।" उसके अवचेतन मन ने प्रतिक्रिया करते हुए उसके अंदर की असीमित शक्तियों को बाहर निकालकर जवाब दिया। जब उसका नाम पुकारा गया, वह स्टेज पर गया उसने गौरवशाली और राजसी अंदाज में गाकर श्रोताओं को अभिभूत कर दिया।

 

इस घटना से आप समझ सकते हैं कि केरूसो ने मस्तिष्क के स्तरों को ही समझा था- चेतन या तार्किक स्तर और अवचेतन या अतार्तिक स्तर। आपका अवचेतन मन हमेशा प्रतिक्रियाशील रहता है। यह आपके विचारों की प्रकृति के अनुरूप प्रतिक्रिया करता है। जब आपका चेतन मन (केरूसो का छोटा मैं) भय, चिंता और तनाव से भरा होता है, तो आपके अवचेतन मन में नकारात्मक भाव प्रवाहित होने लगते हैं। यह नकारात्मक भाव चेतन मन में दहशत, आशंका और निराशा भर देते हैं। जब आपके साथ ऐसा हो, तो आप भी महान केरूसो के उदाहरण पर अमल कर सकते हैं। आप दृढ़ता और पूरे अधिकार से अपने अधिक गहरे मन में उत्पन्न अतार्तिक भावों से कह सकते हैं- "चुप रहो। शांत हो जाओ। मैं नियंत्रण में हूं। तुम्हें मेरे आदेश का पालन करना होगा। तुम मेरी आज्ञा का पालन करने के लिए विवश हो। तुम वहां दखल नही दे सकते, जो तुम्हारा क्षेत्र नहीं है।" जब आप अपनी अतार्किक भावनाओं से दृढ़ता और अधिकार से यह बोलेंगे, तो परिणाम देखकर आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। आपका मन शांति और सद्भाव से भर जाएगा। अवचेतन मन चेतन मन के अधीन रहता है। इसीलिए इसे अवचेतन अघवा आत्म निष्ठ व्यक्ति कहा जाता है।

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आपका चेतन मन एक कप्तान की तरह होता है

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चेतन मन जहाज के पुल पर खड़ा दिशा निर्देशक या एक कप्तान की तरह होता है। वह जहाज को दिशा देता है। वह इंजन रूम के लोगों को आदेश देता है, तभी बॉइलर, यंत्रों और बाकी उपकरणों को नियंत्रित करते हैं। इंजन रूम के लोगों को पता नहीं वे कहां जा रहे हैं, वे केवल उसके आदेश का पालन करते हैं। वे तो सिर्फ कप्तान के आदेश का पालन करते हैं। लेकिन कप्तान कम्पास और बाकी यंत्रों के आधार पर गलत या दोषपूर्ण निर्देश जारी कर दे, तो जहाज चट्टानों से टकरा सकता है। इंजन रूम में लोग कप्तान के आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य हैं, क्योंकि वही बॉस है। चूंकि उसे यह पता होना चाहिए कि वह क्या कर रहा है, इसीलिए वे कप्तान से बहस नहीं करते हैं। वो चुपचाप कप्तान के आदेशों का पालन करते हैं।

 

कप्तान अपने जहाज का मालिक होता है, इसलिए सभी उसके आदेशों का पालन करते हैं। इसी प्रकार आपका चेतन मन कप्तान और आपके जहाज का मालिक है, जो कि आपके शरीर, आपके माहौल और सभी कामों का नियंत्रक है। आपका चेतन मन केवल आपके दिए गए आदेशों को लेता है, चेतन मन जिस पर विश्वास और उसे सोच-समझकर स्वीकार कर आपको करने को कहता है। यदि आप स्वयं से बार-बार कहें कि मेरे पास इस चीज को खरीदने के लिए पैसे नहीं है, तो आपका अवचेतन मन आपकी बात मान लेता है। वह यह सुनिश्चित कर देता है कि आपके पास अपनी मनचाही चीज खरीदने के लिए कभी पैसे न रहे। जब तक आप ऐसा कहते रहेंगे-'मेरे पास कार है, लेकिन छुट्टियों में घर जाने के लिए पैसे नहीं है।' तब भी आपका अवचेतन मन आपके आदेशों का पालन करता रहेगा और आप इन चीजों को कभी नहीं खरीद पाएंगे। तब आप सोचेंगे कि ऐसा परिस्थतियों के कारण हुआ है। आपको कभी भी यह महसूस ही नहीं होगा कि आपने-अपने नकारात्मक विचारों से ये परिस्थितियां खुद निर्मित की हैं।

 

एक बार क्रिसमस पर नीना डब्ल्यू नामक एक युवती, दक्षिणी कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की छात्रा, बीवर्ली हिल्स एक खूबसूरत शॉपिंग इलाके से गुजर रही थी। उसके मन में यह उमंग थी कि वह बफैलो, न्यूयॉर्क में अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने जायेगी। जब वह एक दुकान के नजदीक से गुजर रही थी, तो तभी उसकी नजरें डिस्प्ले विंडो में रखे एक सुन्दर स्पेनिश लेदर बैग पर पड़ी। उसने उसे पाने वाली नजरों से देखा, लेकिन उसकी कीमत देखते ही उसके मुंह से आह निकल गई। वह अपने आप से कहने वाली ही थी कि, 'मैं इतना महंगा बेग कभी नहीं खरीद पाऊंगी।' लेकिन तभी उसे मेरी बात याद आ गई कि 'कभी भी किसी नकारात्मक वाक्य को पूरा मत करो।' इसे तत्काल उलटकर सकारात्मक कर दो और आपके जीवन में चमत्कार हो जाएंगे।

 

मेरी बात याद आते ही उसने बैग को देखते हुए फिर कहा- 'यह बैग मेरा है और यह बिक्री के लिए है। मैं मानसिक रूप से स्वीकार करती हूं कि मह मुझे जरूर मिलेगा और मेरा अवचेतन मन यह सुनिश्चित करेगा कि वह मुझे मिल जाए।' उसी शाम डिनर पर उसके मंगेतर ने उसे वैसा ही हूबहू बैग दिया। जिसे उसने उसी दोपहर को देखा था और अपना मान लिया था। इस प्रकार उसने इस मामले को अधिक गहरे मन यानी अवचेतन मन में पहुंचा दिया था, जिसके पास उपलब्धि की शक्ति है। नीना ने मुझे बाद में बताया कि मेरे पास उस बैग को खरीदने तक के पैसे नहीं थे, इसके बावजूद वह मुझे मिला। अब मेरी समझ में आ गया है कि मुझे धन और बाकी चीजें कहां मिलेंगी। वे सभी चीजें मुझे अपने अंदर के शाश्वत खज़ाने से ही मिलेंगी।

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"अवचेतन मन की बुद्धिमत्ता"

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कुछ महीने पहले मुझे रूथ ए. नामक महिला का खत मिला, जिसने मेरा भाषण पहले भी सुना था। उसने अपने खत में लिखा था "मैं पिचहत्तर वर्ष की विधवा हूं।" मेरे बच्चे बड़े होते ही बाहर चले गए थे और मैं अकेली रह गई। मैं अपनी छोटी-सी पेंशन से ही अपना गुजारा कर रही थी। मेरा जीवन बहुत ही सूना और निराशाजनक था। लेकिन एक दिन मैंने आपका अवचेतन मन की शक्तियों पर व्याख्यान सुना, जिसमें आपने कहा कि विचारों को अपने अवचेतन मन तक बार-बार दोहराकर, विश्वास और उम्मीद से पहुंचाया जा सकता है। तब मैंने भावुकता के साथ यह सब बार-बार दोहराना शुरू किया- "मुझे सब चाहते हैं। मेरा विवाह एक दयावान, प्यार करने वाले और आध्यात्मिक व्यक्ति से हुआ है, मैं सुरक्षित हूं।"

 

मैंने करीब दो हफ्ते तक यही बात कई बार दोहराई। एक दिन कोने वाली दवाई की दुकान पर मेरा परिचय एक रिटायर्ड फार्मासिस्ट से हुआ। वे दयालु, समझदार और बहुत धार्मिक व्यक्ति भी थे, उन्होंने मेरी प्रार्थना का सही और उत्कृष्ट जवाब दिया था। इसका नतीजा यह निकला कि एक हफ्ते के अंदर ही उन्होंने मुझसे शादी करने का प्रस्ताव रख दिया और अब हम यूरोप में अपनी हनीमून यात्रा पर हैं। मैं जानती हूं कि मेरे अवचेतन मन के अंदर की बुद्धि ने ईश्वरीय क्रम से हम दोनों को साथ मिलाया।"

इसके बाद रूथ ने महसूस किया कि खज़ाना उसी के अंदर था। उसकी प्रार्थना उसके दिल को सच्ची लगी और उसकी सकारात्मकता उसके अवचेतन मन में उतर गई, जो रचनात्मक साधन है। जिस क्षण वह व्यक्ति परक अवतार को लाने में सफल हुई, उसके अवचेतन मन ने उसका जवाब आकर्षण के नियम के आधार पर दे दिया। बुद्धिमत्ता और ज्ञान से भरपूर उसके मन की गहराइयों ने दोनों को ईश्वरीय क्रम से मिला दिया। जो आप सोचते हैं, उस पर यकीन रखिए। जो चीज सच है, जो चीजें ईमानदार हैं, जो चीजें न्यायपूर्ण हैं, जो चीजें पवित्र और निर्दोष हैं, जो चीजें प्यारी हैं और जिन चीजों के बारे में अच्छी रिपोर्ट है, और यदि कोई प्रशंसा है, तो ऐसी चीजों के बारे में साचें।

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याद रखने योग्य विचार

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आपका अवचेतन मन आपके भीतर का निर्माता है और आपका उपचार कर सकता है। हर रात आदर्श सेहत के विचार के साथ सोने जाएं और आपका वफादार सेवक यानी अवचेतन मन आपके आदेश का पालन करेगा।

जीवन का नियम विश्वास का नियम है। विश्वास आपके मस्तिष्क का एक विचार है। उन चीजों में विश्वास न करें, जो आपको नुकसान या चोट पहुंचाए। अपने अवचेत की शक्तियों में विश्वास करें। यह विश्वास रखें कि वे आपका उपचार करेगी, प्रेरित करेंगी, शक्तिशाली और समृद्ध बनाएंगी। आपके विश्वास के अनुरूप ही आपको मिलेगा।

खज़ाना आपके भीतर है। अपनी दिली इच्छा का जवाब भीतर खोजें।

आप जहाज के कप्तान की तरह हैं। आपको सही निर्देश देने होंगे, वरना जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा। इसी तरह से आपको अपने अवचेतन मन को सही आदेश (विचार और तस्वीरें) देने होंगे, जो आपके सभी मनुभवों को निमंत्रित करता है।

आपके अवचेतन मन के पास सारी समस्याओं के जवाब हैं। अगर आप सोने से पहले अवचेतन मन से कहें, 'मैं सुबह छह बजे उठना चाहता हूं.' तो यह आपको ठीक उसी समय जगा देगा।

इस प्रकार के वाक्यों का प्रयोग कभी न करें, 'मेरे पास इसके लिए पैसे नहीं,' या 'मैं यह काम नहीं कर सकता।' आप जो सोचते हैं, आपका अवचेतन मन उसी बात को सच मान लेता है। वह यह सुनिश्चित करता है कि आपके पास कभी पैसे न रहे या वह काम करने की क्षमता न रहे, के साथ स्कैन किया गया

जो आप करना चाहते हैं। इसके बजाय दृढ़ता से कहें, 'मैं अपने अवचेतन मन की शक्ति से सारे काम कर सकता हूं।

सभी युगों के महान व्यक्तियों का महान रहस्य यह था कि उनमें अपने अवचेतन मन की शक्तियों से संपर्क करने और उन्हें मुक्त करने की प्रतिभा थी आप भी ऐसा ही कर सकते हैं।

हर विचार एक कारण है और हर परिस्थिति एक परिणाम है।

अगर आप पुस्तक लिखना चाहते हैं, बढ़िया नाटक लिखना चाहते हैं, अपने श्रोताओं के सामने बेहतर भाषण देना चाहते हैं, तो यह विचार भावना और प्रेम के साथ अपने अवचेतन मन तक पहुंचा दें। वह इस पर भी अनुरूप प्रतिक्रिया करेगा।

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और दोस्तो ये था आज का चैपटर -

और अब मिलते हैं अगले नए चैपटर के साथ, नई विडियों में,

आप हमेशा खुश रहें, आबाद रहें, स्वस्थ रहें, और आपका धन्यावाद, नमस्कार, जय हिन्द, जय भारत 

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खज़ाना आपके भीतर छिपा है - आपके अवचेतन मन की शक्ति- "Power of your subconscious mind" - Dr. Joseph Murphy - डा. जोसेफ़े मर्फी --- आपके अवचेतन मन की शक्ति - Power of your subconscious mind -- The international bestseller "Power of your subconscious mind" -- Writer : Dr. Joseph Murphy - लेखक : डा. जोसेफ़े मर्फी खज़ाना आपके भीतर छिपा है -  आपके अवचेतन मन की शक्ति- "Power of your subconscious mind" - Dr. Joseph Murphy - डा. जोसेफ़े मर्फी  ---  आपके अवचेतन मन की शक्ति - Power of your subconscious mind  --  The international bestseller "Power of your subconscious mind"  --  Writer : Dr. Joseph Murphy - लेखक : डा. जोसेफ़े मर्फी Reviewed by Shiv Rana RCM on जुलाई 30, 2026 Rating: 5

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